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Sunday, June 28, 2020

भक्ति भय से नहीं ....श्रद्धा और प्रेम से होती है !!





PLANET KRISHNA

भक्ति भय से नहीं ....श्रद्धा और प्रेम से होती है॥ भय से की गई भक्ति में भाव तो कभी जन्म ले ही नहीं सकता। और बिना भाव के भक्ति का पुष्प नहीं खिलता।



श्रद्धा के बिना ज्ञान प्राप्त हो ही नही सकता। श्रद्धा नही हो तो व्यक्ति धर्मभीरु बन जाता हैl उसे हर समय यही डर लगा रहता है कि फलां देवता नाराज हो गये तो कुछ हो तो नहीं जायेगा।

प्रारब्ध में जितना लिखा है उतना तो तुम्हें प्राप्त होकर ही रहेगा उसे कोई रोक नही सकता।

भगवान तो सब पर अकारण कृपा करते रहते हैं कोई उन्हें माने या नही माने। ईश्वर ने हमें जन्म दिया जीवन दिया और हर कदम पर संभाला हैं।

क्या यह सब पर्याप्त नहीँ हैं प्रभु से प्रेम करने के लिए। अतः भाव और प्रेम से मंदिर जाओे और खिले खिले आओ।

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